(1) रैम Images- 


रैम को ज्यादातर मेमोरी कहा जाता है। रैम में
मेमोरी चिप्स लगी होती है जिन्हें प्रोसेसर की मदद से पढ़ा और लिखा जा सकता
है। जब कम्प्यूटर चालू किया जाता है तब कुछ आपरेटिंग सिस्टम्स फाइलें,
स्टोरेज उपकरण जैसे हार्ड-डिस्क में लोड होकर रैम में आ जाती हैं।
कम्प्यूटर चलने तक यह फाइले रैम में ही रहती हैं। कुछ अन्य प्रोग्राम और
डाटा भी रैम में लोड हो जाते हैं।
जब तक डाटा रैम में होता है तो प्रोसेसर उसकी व्याख्या/ आकलन करता है। इस दौरान रैम के कंटेन्ट्स में बदलाव आ सकता है। रैम की क्षमता अगर ज्यादा है तो वह एक साथ कई प्रोग्रामों को संजोकर रख सकती है। जिस प्रोग्राम पर आप काम करते है वह कम्प्यूटर की स्क्रीन पर दिखायी देता हैं।
ज्यादातर रैम अस्थिर होती हैं। कम्प्यूटर के बंद होते ही यह अपनी कंटेन्ट्स खो देती है। इसलिए भविष्य में इस्तेमाल हेतु डाटा को सेव करना पड़ता है। रैम में मौजूदा वस्तुओं को हार्ड डिस्क पर काॅपी करने की प्रक्रिया को सेविंग कहते हैं।
रोम के चिप में स्थायी डाटा, निर्देश और सूचनाएं होती हैं। उदाहरण के तौर पर इसमें निर्देशों की शंृखला से युक्त बेसिक इनपुट/ आउटपुट सिस्टम होता है जिससे कम्प्यूटर स्टार्ट होते ही आॅपरेंटिंग सिस्टम और अन्य फाइलें लोड हो जाती हैं। अन्य कई उपकरणों में भी रोम की चिप लगी होती है। उदाहरण के लिए प्रिंटर में लगी रोम की चिप में फान्ट से संबंधित डाटा होता है।
जब तक डाटा रैम में होता है तो प्रोसेसर उसकी व्याख्या/ आकलन करता है। इस दौरान रैम के कंटेन्ट्स में बदलाव आ सकता है। रैम की क्षमता अगर ज्यादा है तो वह एक साथ कई प्रोग्रामों को संजोकर रख सकती है। जिस प्रोग्राम पर आप काम करते है वह कम्प्यूटर की स्क्रीन पर दिखायी देता हैं।
ज्यादातर रैम अस्थिर होती हैं। कम्प्यूटर के बंद होते ही यह अपनी कंटेन्ट्स खो देती है। इसलिए भविष्य में इस्तेमाल हेतु डाटा को सेव करना पड़ता है। रैम में मौजूदा वस्तुओं को हार्ड डिस्क पर काॅपी करने की प्रक्रिया को सेविंग कहते हैं।
(2) रोम Images -

रोम स्टोरेज मीडिया की श्रेणी में आता है जिसका
प्रयोग कम्प्यूटर और अन्य इलेक्ट्राॅनिक उपकरणों में किया जाता है। रोम में
उपस्थित डाटा में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। यह अस्थिर नहीं होती।
कम्प्यूटर बंद हो जाने के बाद इसके कंटेन्ट्स खोते नहीं है।रोम के चिप में स्थायी डाटा, निर्देश और सूचनाएं होती हैं। उदाहरण के तौर पर इसमें निर्देशों की शंृखला से युक्त बेसिक इनपुट/ आउटपुट सिस्टम होता है जिससे कम्प्यूटर स्टार्ट होते ही आॅपरेंटिंग सिस्टम और अन्य फाइलें लोड हो जाती हैं। अन्य कई उपकरणों में भी रोम की चिप लगी होती है। उदाहरण के लिए प्रिंटर में लगी रोम की चिप में फान्ट से संबंधित डाटा होता है।
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